संवादाता- प्रमेंद्र नारायण
हरिद्वार परिपाटी न्यूज़ :बहादराबाद में छोटी नहर गंग नहर की पटरी अतिक्रमण की चपेट में है। अवैध रूप से कब्जा कर स्थानीय व कुछ बाहर के लोगों ने निजी व्यवसाय का धंधा बना लिया है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते कार मिस्त्री ,मुर्गी चिकन ,ईट व्यापार व कई चाय की दुकानें खुली हुई है। प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। भैंस पालने वालों तथा चिकन बेचने वाले ने मुर्गी के पंख सड़ा गला मांस तथा गोबर डालकर नहर पटरी को गंदा बना दिया है। नेशनल हाईवे होने के कारण आने जाने वालों को दुर्गंध के कारण मुंह पर कपड़ा रखकर चलना पड़ रहा है। यह सब कुछ सिंचाई विभाग के अधिकारियों भ्रष्ट नीतियों के कारण हो रहा है। नहर पटरी गंदगी के अंबार से पड़ा है। कुंभ वर्ष में बहादराबाद में सफाई के इंतजाम प्रशासन की तरफ से कागजों में सिमट कर रह गए हैं। पुलिस चौकी बहादराबाद से लेकर रघुनाथ मॉल तक नहर की पटरी पर बाहरी लोग भी कब्जा कर अपना धंधा चला रहे हैं । तथा कूड़ा करकट नहर में फेंक देते है। यहां तक की बहादराबाद का गंदगी युक्त कूड़ा भी पृथ्वीराज चौहान चौक के निकट नहर पटरी पर डाला जा रहा है। जिससे आने जाने वालों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है । हवा चलने पर चौक पर तैनात पुलिसकर्मी भी गंदगी से परेशान है। बदबू की वजह से ड्यूटी करना मुश्किल पढ़ रहा है। यदि प्रशासन तथा सिंचाई विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो गंदगी के कारण लोग संक्रमित बीमारी के शिकार हो सकते हैं। क्योंकि बृहस्पति वार रविवार को पीठ बाजार लगने से लोगों का भारी संख्या में आगमन रहता है। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
