हरिद्वार पीपीएन। हरिपुर कलां में लाईनपार स्थित आंगनबाडी केन्द्र में महालक्ष्मी किट बांटी गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया गया है.
बेटियों को आगे बढाने के लिए और दोहरी मानसिकता को खत्म करने के लिये तथा प्रकृति और संविधानिक समानता का संदेश देने कि लिये ये जरूरी है. महिला और पुरुष का समाज में समान महत्व है. भेदभाव की इस सोच को जड़ से समाप्त करना है।

प्रसव के बाद मातृ व कन्या शिशु के पोषण और अतिरिक्त देखभाल के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत पहली दो बालिकाओं या जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जाती है।
गर्भवती महिला के लिए बादाम, गिरी, सुखी, कुमाऊनी, अखरोट, छुहारा, जुराब दो जोड़े, तौलिया, ब्लैंकेट गरम, शॉल गर्म, बेडशीट, सेनेटरी नैपकिन, सरसों का तेल, नेल कटर, साबुन और कपड़े धोने का साबुन इत्यादि किट में होता है तथा कन्या शिशु के लिए सामग्री शिशु के कपड़े, सूती लंगोट के कपड़े, बेबी तौलिया कॉटन, बेबी साबुन तेल, बेबी पाउडर, रबर शीट, बेबी ब्लैंकेट, टीकाकरण कार्ड, स्तनपान पोषाहार कार्ड होता है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना में आवेदन के लिए ये आवश्यक अभिलेख हैं.
आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकरण
* सरकारी अथवा प्राइवेट माता-शिशु रक्षा कार्ड की प्रति (डब्च् कार्ड)
* संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र (यदि किसी आकस्मिक कारण वश रास्ते में या घर में प्रसव हुआ है तो तद्विषयक आंगनबाड़ी – कार्यकर्त्री/आशा वर्कर या चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र)
* परिवार रजिस्टर की प्रति
* प्रथम द्वितीय / जुड़वा कन्या के जन्म हेतु स्वप्रमाणित घोषणा
* नियमित सरकारी /अर्धसरकारी सेवक तथा आयकरदाता ना होने का प्रमाण पत्र