विचार / परिपाटी न्यूज़ मीडिया
वह मूर्ख व्यक्ति जो व्यक्ति कहते हैं,कि साधु- संतो का राजनीति में क्या काम? “एक सूत्र है,जब धर्मनीति राजनीति की गुरू थी, तब भारत सोने की चिड़िया कहलाता था”, किन्तु जब से “राजनीति, “धर्मनीति” की “गुरू” बनती जा रही है, तब से देश में एक बिखराव सा पैदा होता जा रहा है”। यूं तो संतो को राजनीति से कोई मतलब नहीं होता, परन्तु जब राजनीति “धर्म” पर कुठाराघात करती है, तब संतो को आगे आना ही पड़ता है। हमारी भारतीयता, को संस्कृति को, सनातन को, जो आज तक हम धारण किए हैं, घर में शांतिपूर्ण भजन कर पा रहे हैं,भावी पीढ़ी के सफल उज्जवल भविष्य की कामना कर पा रहे हैं,ये सारा श्रेय उन महान आत्माओं के लिए जाता है।
परंतु विडम्बना ये है, कि संतो- साधुओं के प्रति कृतज्ञ होने के बजाय हम साधु समाज को ही गालियां देते हैं,समाज का बोझ तक उन्हें कह दिया जाता है। पुरातन काल से लेकर वर्तमान भारतवर्ष को देखें, तो पाएंगे कि संत ही हमारे पालक,जनक,रक्षक रहे हैं। पुराणों में इतिहास में झांक कर देखने पर पाएंगे कि भगवान श्रीराम के दरबार में जहां राज सिंहासन है वहीं राजगुरु, कुलगुरू भी सिंहासन पर शोभायमान रहे हैं (संत शिरोमणि श्री वशिष्ठ जी)। श्रीकृष्ण के साथ महर्षि शांडिल्य महाराज जनक के साथ महर्षि शतानंद
आदि।
राजनीति में कोई निर्णय निश्चित करने से पूर्व कुलगुरु,राजगुरु का परामर्श अनिवार्य होता था। यहां तक कि राक्षसों का जीवन पड़े तो वहां भी दैत्य गुरु शुक्राचार्य जी विराजमान रहे हैं।
आप किसी भी वीर क्षत्रिय का जीवन देखें जिन्होंने देशप्रेम में प्राणों को जीवन को आहूत किया हो तो आप पाएंगे कि उनके शीश पर किसी न किसी संत की कृपा वरदहस्त रहा है।
हमारी भारत भूमि तथा वह मातृशक्ति धन्य है जिन्हे ऐसे संतो की जननी होने का गौरव प्राप्त है। जो जन शास्त्रों,पुराणों से दूर है उन्हें ये बात पचने वाली नहीं है…यदि आप महाभारत से पूर्व से लेकर वर्तमान भारतवर्ष में सनातन धर्म की रक्षा में लगे।
साधुओं। बरसाना पूज्य संतश्री रमेश बाबाजी महाराज ।
माननीय श्री आदित्यनाथ योगी जी।ने दिखा दिया है, कि एक संत हमेशा साफ और निष्पक्ष राजा बन सकता है, श्री नरसिंहानन्द सरस्वती, साध्वी दीदी मां ऋतंभरा जी, साध्वी प्राची दीदी, तथा श्री देवकीनंदन ठाकुर जी इत्यादि कथावाचकों एवं साधू-संतों को भी साभार नमन वंदन है।
जो हिंदुत्व के प्रति देश के प्रति जन में चेतना का संचार कर रहे हैं।
पं0रविन्द्र भारद्वाज संघर्षी
प्रदेश सचिव,सर्व ब्राह्मण महासभा उत्तर प्रदेश
महंत श्री विष्णु धाम मंदिर व आश्रम
चांदपुर (बिजनौर) उत्तर- प्रदेश


