
मंडल संवाददाता-जोगेंद्र तोमर/परिपाटी न्यूज मीडिया
बिलसंडा परिपाटी न्यूज। बडी मसक्कत और विश्व व्यापी कोरोना महामारी के चलते करीब डेढ़ वर्ष बाद विद्यालय खोले गए हैं। सरकार के नियम निर्देश के अनुसार नौनिहाल अपने अपने विद्यालय पहुंचे जहां उन्हें वैठने के लिए स्वच्छ वातावरण की जगह गंदगी का अंबार लगा मिला है।
क्षेत्र के ग्राम चपरौआ कुइंया में प्राथमिक विद्यालय के नजदीक ग्रामीणों ने कूडा कचरा डालना शुरू किया है। घर का कूडा कचरा ग्रामीण ने सार्वजनिक रूप से फेंक दिया। यह कचरा वहां फेंका गया जहां नौनिहाल अपने मन्दिर रूपी विद्यालय में प्रतिदिन पूजा करने जाते हैं। सार्वजनिक रूप से फैली गंदगी कई बीमारियों को न्योता दे रही है। फैली गंदगी डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों को जन्म दे रही है जिसका प्रभाव सीधा विद्यालय में पढ़ रहे गंदगी से फैलने वाली बीमारी के कारण प्रदेश के कई जिलों में विद्यालय नहीं खुल सके। गंदगी फैला रहे लोगों से मना गया तो उन्होंने राजनीतिक दवाव व आपसी झगड़ा बताकर गंदगी नहीं हटाई। नियुक्त कर्मचारी को उच्च अधिकारियों से मिलकर सफाई करने से मना कर दिया। जहां जिलाधिकारी महोदय बिटिया की बगिया लगाकर स्वच्छ वातावरण की कल्पना कर रहे हैं वहीं चपरौआ कुइंया के विद्यालय में विद्यार्थी गंदगी में पढ़ने को मजबूर हैं।