
संवाददाता-जितेंद्र कुमार तोमर/परिपाटी न्यूज़ मीडिया
ताजपुर,बिजनौर पीपीएन। आज “विश्व योग दिवस” है,जिसे सम्पूर्ण विश्व में मान्यता मिली हुई है । आज विश्व योग दिवस के अवसर पर योगाचार्य प्रकाश चंद जी के नेतृत्व में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया 27 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व समुदाय से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया
11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 177 देशों के सदस्यों ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाना सर्वसम्मति से स्वीकार किया
“संयुक्त राष्ट्र संघ” ने इस दिन को ‘योग दिवस’ की मान्यता दी है और इससे हमारा गौरव बढ़ा है । आयुष मंत्रालय ने 21 जून 2015 को राजपथ नई दिल्ली में सर्वप्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का सफल आयोजन किया। आज हम सातवा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं हमारे देश में योग अनेक प्रकार से बताया जाता है -सहज योग,राज योग, कुण्डलिनी योग, उपासना योग,अंयगार योग, हठ योग आदि-आदि ।

इन सभी के ग्रंथ भी अनेक हैं । किन्तु यथार्थ रूप में जो योग है, उसे अष्टांग योग कहते हैं । उस योग का एक मात्र पुस्तक है-योग दर्शन । और योग दर्शन के एक मात्र लेखक हैं- ऋषि पतञ्जलि हैं ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मन को शुद्ध बनाएं.
योग तो मन और आत्मा के लिए है। योग का अर्थ है, मन में उठने वाले सांसारिक विचारों को रोककर ईश्वर जैसे सूक्ष्म तत्व का विचार करना।

शरीर का स्वस्थ होना भी आवश्यक है। आजकल कोरोना रोग चल रहा है। इससे अपना बचाव करना भी बहुत आवश्यक है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वास्तव में आत्मा की उन्नति के लिए मनाएं। ईश्वर का ध्यान करें। यम नियमों का पालन करें। अपने व्यवहार को शुद्ध करें। झूठ छल कपट लड़ाई झगड़ा अन्याय शोषण अत्याचार धोखाधड़ी इत्यादि दोषों को छोड़ें। प्रतिदिन यज्ञ और ईश्वर का ध्यान करें। इंद्रियों पर संयम रखें। ईश्वर को साक्षी मानकर सारे कार्य करें। इस प्रकार के संकल्प आज के दिन लेवें। तो आपका अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना सफल होगा।