
संवाददाता-जोगेंद्र तोमर परिपाटी न्यूज़ मीडिया
पीलीभीत पीपीएन। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक में केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून को विरोध प्रदर्शन दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की गई। इस दिन प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक में आईएमए प्रेसीडेंट पीयूष अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी में काफी संख्या में डॉक्टर्स की मृत्यु हुई है। उनके साथ मारपीट की घटनाएं हुई है, जो निंदनीय है। केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून को विरोध प्रदर्शन दिवस मनाया जाएगा। डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। आईएमए अध्यक्ष के मुताबिक प्रत्येक अस्पताल के सुरक्षा मानक बढ़ाए जाएं।

सरकारी अस्पतालों में भी मारपीट की घटनाएं हुई। हर जगह सुरक्षा जरूरी है। अस्पताल को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। दोषी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जानी चाहिए। 18 जून को आंदोलन नहीं सिर्फ शांतिपूर्वक ढंग से ज्ञापन सौंपा जाएगा। डॉ.आरएच गोखल ने कहा कि चिकित्सक बनने तक लंबी यात्रा होती है। उसके बाद समाज की सेवा की जाती है। इस महामारी ने सिद्ध कर दिया है। उतावलेपन से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। इस मौके पर आईएमए के सचिव डॉ.रोहित सिंह, डॉ.एसके अग्रवाल, डॉ.महेश चंद्रा आदि मौजूद रहे।