
संवाददाता-हर्षित भरद्वाज/परिपाटी न्यूज मीडिया
बिजनौर पीपीएन। चंद्रग्रहण 26 मई को पड़ने जा रहा है साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण जिसको लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, इसीलिए चंद्रग्रहण पर बनी असमंजस की स्थिति को रोकने के लिए परिपाटी न्यूज़ ने चांदपुर के विष्णु धाम मंदिर के महंत पं॰ रविंद्र भारद्वाज ‘संघर्षी’ जी (महाराज) से चंद्र ग्रहण की संपूर्ण स्थिति पर बात की जिस में महाराज जी ने बताया कि
सभी ज्योतिषी पंचांग कर्ताओ के अनुसार कल का ग्रहण केवल पूर्वोत्तर मे ही मान्य होगा।
जिस के साथ महाराज जी ने विशेष जानकारी दी कि दिनांक 26/05/2021वैशाख शुक्ल पूर्णिमा बुधवार मे भारतीय स्टै•टा• के अनुसार दिन मे 3 :15 से प्रारंभ मध्य दिन मे 4:49 तथा मोक्ष सायं 6:23 तक है ग्रासमान-1•016 यह खग्रास चन्द्रग्रहण भारत के केवल पूर्वोत्तर भूभाग अरूणाचल प्रदेश,असम,नागालैंड, मणिपुर, मजोरम , त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कुछ पूर्वी भाग से इस ग्रहण को सायंकाल केवल 18 मिनट तक की समयावधि मे ही देखा जा सकेगा। इस ग्रहण को दक्षिण अमेरिका,उत्तरी अमेरिका, पेसिफिक सागर ,हिन्द महासागर, पश्चिमी ब्राजील, कनाडा, श्रीलंका, चीन,मंगोलिया, रूस,आस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका आदि देशो से भी देखा जा सकेगा ।।
चन्द्रग्रहण का सूतक चंद्रोदय से 9 घंटे पूर्व उन्ही शहर, महानगर देश/प्रदेशो मे मान्य होते है जिनके शिरोभाग आकाश मे ग्रहण हुआ करते है यह ग्रहण उन्ही स्थानो मे मान्य है जहा दृश्य है दिल्ली समेत समस्त उत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत मे यह ग्रहण तथा इसके सूतक मान्य नही होंगे ।।

