गोदाम में लूट, रजिस्टर में झूठ! *किसानों की मेहनत की मिट्टी, अधिकारियों की गड्डी!
रक्षक राजपूत
चौधरी दिगम्बर सिंह ने किया फेसबुक पर लाइव आकर खुलासा सरकारी बीज केंद्रों पर लाखों का खेल – 50% सब्सिडी वाला बीज बिक रहा महंगे दामों में।
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)। प्रदेशभर में सरकारी दुकानों पर गेहूं के बीज की बिक्री जोरों पर चल रही है। सरकार किसानों को राहत देने के लिए प्रमाणित बीज 50% सब्सिडी पर दे रही है। सरकार के द्वारा तय रेट के मुताबिक प्रमाणित बीज की कीमत ₹936 और जनक बीज की ₹974 प्रति बैग (40 किलो) तय की गई है।लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है — सरकारी बीज गोदामों पर यही बीज 1050 से 1150 रुपए प्रति बैग में बेचा जा रहा है!इस बड़े खुलासे का पर्दाफाश भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के युवा प्रसिद्ध प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि जब वे मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के गजरौला शिव स्थित सरकारी बीज गोदाम पहुंचे, तो स्टोर इंचार्ज ने गेहूं के बीज के साथ “दवाई” देने की बात कही।लेकिन वहीं मौजूद किसान समर पाल सिंह, जिसने 14 बैग बीज खरीदे थे और उस समय उसके वाहन में लड़े भी हुए थे, ने सच्चाई सामने रख दी और बताया

कि उनसे 1050 रुपये प्रति बैग लिए गए, और कोई दवाई नहीं दी गई।दिगम्बर सिंह ने बताया कि गोदाम पर न तो रेट लिस्ट लगी थी, न ही कोई पारदर्शिता!दिगम्बर सिंह द्वारा खबर मिलते ही जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम का रिकॉर्ड और रजिस्टर जब्त कर लिया। किसानों से फोन पर पूछताछ में भी यही गड़बड़ी सामने आई — हर किसान ने महंगे दाम में बीज खरीदे जाने की बात स्वीकारी।चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा — “जो अधिकारी किसानों का हक मार रहे हैं, वे पढ़े-लिखे डकैत हैं। और किसान को कोई खरीद करते समय बिल आवश्य लेना है और जागरूक होना होगा ।अब सवाल ये उठते हैं कि जब सरकार ने रेट तय कर दिए हैं तो गोदाम पर अलग रेट क्यों?बिना रेट लिस्ट के बिक्री कैसे हो रही है और क्या कृषि अधिकारी भी इस खेल में खुद शामिल है?देखना यह भी है कि जिलाधिकारी महोदया दोषियों के खिलाफ कितना सख्त रुख अपनाती हैं।