
ललित धीमान/ परिपाटी न्यूज़ मीडिया सहारनपुर
प्रेस विज्ञप्ति सहारनपुर स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अशोक मलिक के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया प्रदर्शनकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को बुलाने पर अडिग रहे लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक पिछले 3 दिनों से अपने कार्यालय से नदारद है और ज्ञापन के लिए राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री महावीर जी को दिया गया प्रदर्शनकारियों की के द्वारा ज्ञापन चस्पा करने की धमकी को देख तब ही पर प्रधानाचार्य श्री महावीर जी को ज्ञापन लेने के लिए भेजा गया
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक ने कहा की शासन ने बोर्ड की परीक्षा निरस्त करते हुए दसवीं क्लास को प्रमोट करने के लिए अहम अहम निर्णय लगा है जिसमें कक्षा 9 को आधार मानते हुए दसवीं के बच्चों को अंक अपलोड करने का निर्णय लिया इस संबंध में शासन ने अपने निर्णय बदले पहले दसवीं की परीक्षा को अर्धवार्षिक आधार बनाकर अपलोड करने के आदेश स्कूल संचालकों को दिए इस असमंजस में स्कूल संचालक काफी परेशान थे और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से स्कूल संचालकों को फोन पर कोई गाइडलाइन नहीं दी जा रही थी अधिकारी ऑफिस में नहीं बैठते इस पर आक्रोशित होकर डॉ अशोक मलिक अपने साथियों सहित कार्यालय पर आकर धमके गए हॉट सूत्रीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से दिया गया मुख्य मांग हमारी कि लोग डाउन के चलते अभिभावक की स्थिति दयनीय हो गई थी और हम सरकार से बोर्ड की फीस मांग कर कर रहे थे इस प्रकार बहुत से बच्चे छात्र-छात्राएं बोर्ड की फीस को ₹201 से लेकर ₹501 करने का भी हमने विरोध किया था बहुत से छात्र-छात्राएं पैसे के अभाव में परीक्षा फार्म भरने से वंचित रह गए थे अब सरकार ने दसवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा निरस्त कर दिए बोर्ड की फीस का सरकार के पास करीब एक अरब 75 करोड़ रुपया सरकार के पास है हमारी मांग है कि सरकार इस पैसे को विद्यालयों के खाते में वापिस किया जाए ताकि स्कूल संचालक अपने विद्यालय के शिक्षकों को वेतन दिया जा सके क्योंकि लोग डाउन के चलते छात्र अपनी फीस नहीं दे रहे हैं और निजी स्कूल संचालक ऑनलाइन अपने छात्र छात्राओं को को पढ़ा जा रहा है बहुत से स्कूल बंद होने के कगार पर हैं और कुछ स्कूल बंद हो चुके हैं
महिला अध्यक्षा समरीन फातमा प्रदेश महासचिव संजय शर्मा जिला अध्यक्ष के पी सिंह ने कहा की हमने आरटीई के अंतर्गत सरकार के 25 परसेंट बचे निशुल्क पढ़ाए हैं जिसका पिछले 2016 से लेकर 2021 तक का करीब 500 करोड़ से अधिक का बकाया है सरकार से हम लोक डाउन के चलते स्कूल बंद है स्कूल संचालकों वशिक्षकों की आर्थिक स्थिति के चलते तंग हालत में है और बहुत से स्कूल संचालक वह शिक्षक मजदूरी करने पर मजबूर हो गए बिजली के बिल बिल्डिंग का किराया हाउस लोन स्कूल वैन की किस्ते और हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम के टैक्स भी स्कूलों पर लगाए जा रहे हैं इससे परेशान होकर कुछ स्कूल संचालकों ने आत्महत्या तक कर ली है सरकार ने आर्थिक राहत पैकेज देने की बजाय स्कूलों का हमारा पैसा जो सरकार के पास है आज हम उस की मांग करते हैं एक तरफ सरकार भी हमारा शोषण कर रही है और अभिभावक भी हमें फिश नहीं दे रहा है यदि सरकारी कर्मचारियों की 1 महीने का वेतन रोक दिया जाए सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों का 1 महीने का वेतन रोका जाए तो इसी से हमारे निजी स्कूलों की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है जबकि हम पिछले 2 वर्षों से कोई वेतन ना दे पा रहे हैं ओ नहीं शिक्षक ले पा रहे हैं बहुत से निजी स्कूल बंद हो गए हैं और कुछ स्कूल बंद होने के कगार पर है यदि सरकार ने हमारे स्कूलों की तरफ नहीं देखा तो हम लोक डाउन के बाद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे प्रदर्शनकारियों में प्रवीण गुप्ता खदीजा बेगम नरेश वर्मा अंजली गुप्ता समरीन फातमा संजय शर्मा के पी सिंह फिरोज खान गजरौला अमजद अली एडवोकेट शबाना सिद्दीकी आदि रहे


