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संवाददाता नितिन कुमार/परिपाटी न्यूज मीडिया

धामपुर,बिजनौर पीपीएन। मरने के बाद कोई कांधा देने को तैयार नहीं है। ऑक्सीजन न मिलने के कारण रविवार को स्टेट बैंक कॉलोनी में कोरोना संक्रमित सुशीला शर्मा (75 वर्ष) का निधन हो गया है। एक सप्ताह पहले उनके बड़े बेटे की कोरोना से मौत हो गई थी, सुशीला शर्मा के संक्रमित होने पर परिजनों ने उपचार के लिए भर्ती कराने का प्रयास किया लेकिन अस्पताल में बेड नहीं मिला। मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों पर कोरोना का खौफ भारी पड़ रहा है। जिंदा है तो इलाज के लिए अस्पताल नहीं मिल रहा है, रविवार सुबह सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई और बेटे ने सिलिंडर रिफिल कराने के लिए प्रयास भी किया लेकिन उपलब्ध नहीं हो पाया।कोतवाल अरुण कुमार त्यागी ने बताया

कि वृद्धा का अंमित संस्कार करने से पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने इनकार कर दिया तो पुत्र विक्की ने सीओ अजय कुमार अग्रवाल को जानकारी दी। दूसरा बेटा भी संक्रमित हैं। ऐसे में निकट संबंधियों और पड़ोसियों ने भी मुंह मोड़ लिया। कोई सुशीला शर्मा के अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आया तो पुलिस आगे आई और उनका अंतिम संस्कार कराया।उसके बाद किसी तरह से एक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई और घर पर ही उनका उपचार चल रहा था।

ऑक्सीजन की कमी से सुशीला शर्मा ने दम तोड़ दिया।सीओ के निर्देश पर वह दारोगा मुकेश कुमार, सिपाही पंकज शर्मा, जितेंद्र कुमार, राहुल कुमार गौतम, अमित कुमार व महिला कांस्टेबल साक्षी तोमर आदि के साथ मौके पर पहुंचे और वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार कराया।

By विक्की जोशी

विक्की जोशी मंडल आई.टी. प्रभारी मुरादाबाद