रिपोर्ट हरिओम सिंह/ परिपाटी न्यूज मीडिया लखीमपुर
लखीमपुर खीरी(परिपाटी न्यूज़)। केगोला गोकर्णनाथ खीरी दिनांक 01/03/2024 को मनरेगा मजदूर मिस्त्री महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्वकर्मा समाज के वरिष्ठ नेता ऋषि संतोष कुमार शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया भारत को आजाद हुए 75 वर्ष हो चुका है और 18 वीं लोकसभा के चुनाव होने वाले है। भारत के सभी राजनीतिक दलों से भारत के 40 करोड़ मनरेगा मजदूर मिस्त्री, भारत के 16 करोड़ वैज्ञानिक विश्वकर्मा, भारत के 35 लाख ग्राम पंचायत सदस्य, भारत के अति पिछड़े अति दलित ऐसी पचास जातियों के लोग जो भारत में अलग थलग पड़ें है।

ये यह जानना चाहते हैं कि लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, आप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल, बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कु० मायावती, शिव सेना (उद्धव) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी, तेलंगाना राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चंद्र शेखर राव, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सरेन, बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक, आदि से मनरेगा मजदूर मिस्त्री महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि संतोष कुमार शर्मा जानना चाहते है। कि कितने प्रतिशत मनरेगा मजदूर, खेतिहर मजदूरों, वैज्ञानिक विश्वकर्माओं,अति पिछड़े अति दलितों, ग्राम पंचायत सदस्यों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, को लोकसभा के चुनाव में टिकट देंगे। और सरकार बनने के बाद कितने लोगों को मनोनित करेंगे।संतोष शर्मा ने जोर देकर कहा भारत को आजाद हुए 75 वर्ष हो चुके हैं सभी राजनीति दलों ने ठेकेदारों व दलालों के मध्य से विकास के नाम पर लूटने व लुटाने का काम किया है। किसी राजनीतिक दल की सरकार ने व किसी नेता ने ठेकेदारी प्रथा जड़ से खत्म करने के लिय काम क्यों नहीं किया। भारत के 40 करोड़ मजदूर मिस्त्रियों की सभी विभागों में पोस्टिंग क्यों नही की गई। ,मजदूरों की मजदूरी मात्र 230 रुपए क्यों, मजदूरी का विरोध किसी दल के नेता ने क्यों नहीं किया। भारत के 35 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों को सांसद विधायक की तारीक से भत्ता देने व ग्राम पंचायत सदस्य की निधि बनाने का काम क्यों नहीं किया गया। भारत के 16 करोड़ वैज्ञानिक विश्वकर्माओ को विधान सभा , विधान परिषद, लोकसभा राज्यसभा में आरक्षण क्यों नहीं दिया। अति पिछड़े अति दलित ऐसी पचास जातियों के लोग जो भारत में अलग थलग पड़ें है जिनकी भारत में आबादी 60 प्रतिशत है। उनको किसी सरकार ने आरक्षण क्यों नही दिया। किसानों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। गन्ना धान गेंहू का उचित मूल्य किसी सरकार ने क्यों नहीं दिया। गन्ना बिकने पर आधा भुगतान तुरंत नगद क्यों नहीं किया जा रहा है। गन्ना किसान, मजदूर मिस्त्री आत्महत्या करने पर विवश हो रहा है। मजदूर मिस्त्रियों, किसानों का कर्जा, बिजली बिल क्यों नहीं माफ़ नहीं किया जा रहा है। श्री शर्मा ने जोर देकर कहा लोक सभा विधानसभा के चुनाव में मजदूर मिस्त्रियों, वैज्ञानिक विश्वकर्मा, अति पिछड़े अति दलितों, को संख्या के आधार पर सांसद विधायक का टिकट नही दिया जाता है। राज्यसभा और विधान परिषदों में मनोनित नहीं किया जाता है। ग्राम पंचायतों में अब तक ग्राम न्यायालय क्यों नहीं स्थापित किए गाए, व सभी गावों को बस सुविधा से अब तक क्यों नहीं जोड़ा गया। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में गरीबों के आवास , शौचालय, भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपात्र घोषित किया है अब तक कितने अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्यवाही की गई है। केंद्र की भाजपा सरकार का कहना है कि भारत के 25 करोड़ परिवारों को गरीबी से उबारा गया है। वो कौन से परिवार है। यह देश जानना चाहता है।