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संवादाता:- विक्रमजीत सिंह

हरिद्वार पीपीएन:-उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जो महिलाएं खुद घुटने से फटी हुई जींस पहनती हैं, वे अपने बच्चों को क्या संस्कार देंगी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय संस्कृति और सभ्यता के कतई खिलाफ है। इस मामले में गंभीरता से विचार किये जाने की आवश्यकता है। सभी को भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझते हुए उन्हें अपनाना चाहिए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत देहरादून में आयोजित एक सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अपना एक संस्मरण सभी के साथ शेयर किया। उन्होंने कहा कि वे एक दिन ट्रेन में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक औरत को देखा, जिसने घुटने से फटी हुई जींस पहन रखी थी। उन्होंने उससे पूछा कि बहनजी आप कहां जा रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि वे दिल्ली जा रही थी। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे एनजीओ चलाती हैं और सम्पन्न वर्ग से हैंउनके साथ उनके बच्चे भी थे। इस संबंध में तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जो महिलाएं खुद फैशन के चलते घुटनों से फटी हुई जींस पहनती हैं, वे बच्चों को क्या संस्कार देंगी। उन्होंने कहा कि घर में हम जैसा व्यवहार करते हैं, वैसा ही व्यवहार बच्चे करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने हैं, तो स्वयं भी संस्कारों की सीढ़ी पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादातर आईएएस, आईपीएस हिन्दी मीडियम में पढ़कर ही बनते हैं। फैशन के चलते भारतीय संस्कृति को नहीं भुलाया जा सकता है। सभी को भारतीय संस्कृति के अनुरूप चलना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों पर निगाह रखें। उन्होंने कहा कि हमें संस्कारवान बनना होगा, तभी बच्चे संस्कारवान बनेंगे।

By PARIPATI NEWS

PARIPATI NEWS MEDIA GROUP