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संवाददाता- अखिलेश तोमर

पीलीभीत (पीपीएन) पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर मुख्यालय से आए सीईडीई (चीफ इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूटर इंजीनियर) आरके गुप्ता ने बरेली सिटी-पीलीभीत रेलपथ पर तैयार विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। देर रात जंक्शन पहुंचे सीईडीई ने पैनल कक्ष में स्टेशन मास्टर में भी कुछ मुददों पर बातचीत की। फरवरी के अंत तक इलेक्ट्रिक लाइन का सीआरएस निरीक्षण होने की अब संभावनाएं जताई जा रही हैं।
बरेली सिटी से पीलीभीत जंक्शन स्टेशन तक 55 किमी रेलखंड का विद्युतीकरण का कार्य अपने तय लक्ष्य से पूर्व पूरा हो चुका है। पिछले दिनों ही यहां लोको ट्रायल हुआ है। रेल विकास निगम लिमिटेड और कल्पतरु पॉवर ट्रांसमीशन लिमिटेड के निर्देशन में संपन्न हुए

कार्य की गुणवत्ता देखने और उसे चेक करने के लिए पहुंचे आरके गुप्ता और आरवीएनएल के जीएम मनोज पांडेय ने पीलीभीत में शुक्रवार देर रात पहुंच कर मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान एफओबी, आरओबी, अर्थ वैल्यू, स्टेशन पैनल को बारीकी से देखा और अफसरों को दिशा निर्देश दिए। प्लेटफार्म पर विद्युतीकरण कार्य देखा। उसके बाद सीधे कंट्रोल पैनल स्टेशन मास्टर कक्ष की ओर रवाना हो गए, जहां पर विद्युतीकरण कार्य के बारे में जानकारी की। चीफ इंजीनियर आरके गुप्ता ने बताया कि बरेली सिटी से लेकर पीलीभीत जंक्शन तक रेल लाइन विद्युतीकरण कार्य कराया गया है, जो पूरी तरह संतोषजनक है। रेल लाइन में छोटी मोटी कमियों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दे दिए गए हैँ। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सीआरएस निरीक्षण किया जाएगा। उम्मीद है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में विद्युतीकरण रेलखंड को ओपेन कर दिया जाएगा। इससे पहले सीआरएस निरीक्षण होगा। इस मौके पर आरवीएनएल के मैनेजर वाईएस गंगवार, केएम विश्वकर्मा, उप प्रबंधक (विद्युत) विशाल वरुण, मोहित गुप्ता, पीके चतुर्वेदी, आरपीएफ के प्रभारी आरके सिंह समेत कई रेल अफसर मौजूद रहे। सीआरएस निरीक्षण पर टिकी निगाहें इज्जतनगर मंडल के बरेली सिटी से भोजीपुरा होते हुए पीलीभीत जंक्शन स्टेशन तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। स्पीड ट्रायल से लेकर गोरखपुर मुख्यालय की टीम रेल लाइन विद्युतीकरण कार्य का इंस्पेक्शन कर चुकी है। अब अंतिम दौर में सीआरएस निरीक्षण होना रह गया है। इसके बाद रेलखंड पर बिजली चलित रेलगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा।

By विक्की जोशी

विक्की जोशी मंडल आई.टी. प्रभारी मुरादाबाद