Spread the love

पीपीएन /सौरभ कुमार /नई टिहरी

जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में अजेंडावार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने वित्तीय साक्षरता के तहत आयोजित किये जाने वाले कैम्प/शिविरों की उपलब्धी निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम पाए जाने पर नाराजगी प्रकट की। कहा चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बैंकों को वित्तीय साक्षरता के लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनिवार्यतः कर ली जाए। निर्देश दिए कि वित्तीय साक्षरता कैम्प में बैंक के अधिकारी साइबर क्राइम की भी जानकारी भी आमजन देना सुनिश्चित करें।

बैठक में लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि वार्षिक ऋण योजना 2020-21 हेतु जारी किए गए नाबार्ड के पोटेंशियल लिंक्ड प्लान पर आधारित वार्षिक ऋण योजना के लिए कुल लक्ष्य राशि 649.02 करोड़ के सापेक्ष 289.29 की प्रगति हो पाई है रिजर्व बैंक के अनुसार त्रैमास मार्च 2021 तक 100 प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति होनी चाहिए जो कि वर्तमान में 45% है। जिसपर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए प्रगत्ति लाने के निर्देश दिए है।

इसी प्रकार 31 मार्च 2021 तक जनपद का ऋण जमा अनुपात 26.96 प्रतिशत रहा। ऋण जमा अमुपत में 40 प्रतिशत से कम प्रगत्ति वाले 12 बैंकों के शाखा प्रबंधकों को सुधार लाने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। योजना के तहत बैंकों को कुल 676 आवेदन प्रेषित किये गए। जिसमे से 193 लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृत, 159 वितरित 456 निरस्त व 32 आवेदन लंबित है। जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों के संबंध में कारण सहित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में 97 का लक्ष्य निर्धारित था। जिस हेतु कुल 424 आवेदन ऋण स्वीकृति हेतु बैंकों के प्रेषित किये गए। जिसमे से 180 आवेदन स्वीकृत, 166 को ऋण वितरण, 241 आवेदन निरस्त व 3 लंबित है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत 900 समूहों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इस हेतु 1341 आवेदन प्राप्त हुए जिसमे से 993 आवेदन स्वीकृत, 906 को 661.4 लाख का ऋण वितरण, 248 निरस्त व 100 आवेदन लंबित है। जिलाधिकारी ने निरस्त व व लंबित आवेदनों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

एनयूएलएम के तहत निर्धारित लक्ष्य 46 के सापेक्ष 86 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया। जबकि वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन मद में निर्धारित लक्ष्य 11 के सापेक्ष 4 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया। जबकि गैर वाहन मद में निर्धारित लक्ष्य 12 के सापेक्ष केवल 3 आवेदकों को ऋण प्राप्त हो सका। इन मदो में कम प्रगत्ति व लंबित मामलों पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए लंबित मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश बैंकर्स की दिए गए।

होमस्टे योजना के तहत बैंक ऋण स्वीकृति हेतु कुल 46 आवेदन प्रेषित किये गए जिसमे से 130.75 लाख के 13 आवेदन स्वीकृत, 18 निरस्त व 15 लंबित है। समीक्षा के दौरान पीएम स्वनिधि के तहत 116 में से शतप्रतिशत आवेदन स्वीकृत किये गए जबकि स्पेशल कंपोनेन्ट प्लान के तहत निर्धारित लक्ष्य 53 के सापेक्ष 57 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया।

किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 14 बैंकों द्वारा वर्ष 2020-21 में 15490 केसीसी कार्ड नवीनीकृत/जारी किए गए। वहीं योजना के आरंभ से 31 मार्च 2021 तक कुल 42442 केसीसी कार्ड जारी/नवीनीकृत किये गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चालू वितीय वर्ष की समाप्ति तक 60 हजार केसीसी कॉर्ड बनाये जाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाए।

कृषि ऋणों की प्रगत्ती की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि क्षेत्र में प्रगत्ती के लिए अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृत कर लक्ष्य प्राप्त करें। इसके अलावा बैंक ऋण वसूली प्रमाणपत्रों में प्रगत्ती, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नमामी बंसल, महाप्रबन्ध उद्योग महेश प्रकाश, जिला उद्यान अधिकारी डॉ डीके तिवारी, एलडीएम के अलावा अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधक भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *