राजवीर सिंह तोमर
हरिद्वार (परिपाटी न्यूज) हरिद्वार के पावन एवं धार्मिक क्षेत्र चण्डीघाट स्थित परम पूज्य बाबा हठयोगी जी महाराज के आश्रम में ए.के सोलंकी के अध्यक्षता एवं राजवीर सिंह तोमर के संचालन में जय जवान जय किसान लोकशक्ति संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन विधिवत रूप से प्रारम्भ हो गया। देश के विभिन्न राज्यों से संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान प्रतिनिधि एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में अधिवेशन स्थल पर पहुंच रहे हैं। अधिवेशन के शुभारम्भ के साथ ही किसान हितों, ग्रामीण विकास, कृषि संकट और संगठन की भावी रणनीति को लेकर गंभीर विचार- विमर्श का दौर शुरू हो गया है। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार एवं राष्ट्रहित तथा किसान कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ किया गया। अधिवेशन में उपस्थित किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने देश के अन्नदाताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर सत्यभान सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की अर्थव्यवस्था का मूल आधार किसान है। इसके बावजूद आज भी किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष देश के विभिन्न भागों में तीन बड़े राष्ट्रीय शिविर एवं अधिवेशन आयोजित किए जाते हैं, जहां किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान के लिए रणनीति तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से जहां एक ओर सरकार तक किसानों की मांगों एवं समस्याओं को ज्ञापन और प्रस्तावों के माध्यम से पहुंचाया जाता है, वहीं दूसरी ओर प्रतिभागियों को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का लाभ भी प्राप्त होता है। हरिद्वार जैसी धर्मनगरी में आयोजित यह अधिवेशन किसानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करेगा। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक ए.के. सोलंकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में किसान अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा किसानों पर निर्भर है, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता। किसानों को अपनी उपज का मूल्य स्वयं निर्धारित करने का अधिकार तक नही है। ताकि उन्हें उनके श्रम का उचित प्रतिफल प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बनाया जाएगा, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

सरकार को किसानों के हित में ठोस एवं प्रभावी नीतियां लागू करनी चाहिए ताकि कृषि क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती मिल सके। अधिवेशन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों एवं वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत, सिंचाई सुविधाओं की कमी, फसलों के उचित समर्थन मूल्य, कृषि ऋण, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान तथा किसान कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में चौधरी सुधीर तालियान, सुमन चौहान, एड. सुरेन्द्र सिंह राणा, धामी ठाकुर, अशोक सिंह अयोध्या, रामकुमार तिवारी अयोध्या, रवि धीमन, श्रीमती मंजू नेगी, श्रीमती चित्रा चौहान, विजयपाल राणा, मुकेश सोलंकी, दाताराम भट्ट, श्रीमती सुनीता सिंह, श्रीमती आरती सिंह, श्रीमती मंजू चौहान, श्रीमती रजनी वर्मा, श्रीमती अनुश्री, श्रीमती रजनी गुप्ता, श्रीमती करुणेश सिंह, श्रीमती सुनीता झा, श्रीमती शालिनी गुप्ता, रजनीश त्यागी, सूर्य प्रताप सिंह, मानसिंह चौहान, श्रीमती इंद्र मौर्य, अजय प्रताप सिंह, श्रीमती सुधा फरीदाबाद, श्रीमती रीता सिंह, सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं किसान नेताओं ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

वक्ताओं ने सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कदम उठाने का आग्रह किया तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए व्यापक नीति निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। अधिवेशन में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने किसान हितों की रक्षा, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति, किसान एकता और सामाजिक समरसता के संदेश से ओत-प्रोत रहा। आयोजकों के अनुसार राष्ट्रीय अधिवेशन के आगामी सत्रों में भी विभिन्न विषयों पर विचार – विमर्श किया जाएगा तथा किसानों की समस्याओं और उनके समाधान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव सरकार को भेजे जाएंगे। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई और किसान हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।