नसीम अंसारी
हरिद्वार (परिपाटी न्यूज़) लंढौरा रुड़की तहसील क्षेत्र के गांव गाधारौना मुक्कनपुर में हज़रत सय्यद मस्तान बुड्ढे पीर बाबा रहमतुल्लाह अलैही का सालाना उर्स बड़े ही श्रद्धा उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर दूर दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पर पहुंचे और बाबा की मजार पर चादरपोशी कर अमन चैन खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल और मेले जैसी रौनक देखने को मिली। उर्स के अवसर पर दरगाह परिसर को रंग बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। दरगाह पर सुबह से ही जायरीनों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी और देर रात तक लोगों का आना जाना लगा रहा। अकीदतमंदों ने बाबा की शान में फातिहा पढ़ी और विभिन्न धार्मिक रस्में अदा कीं। उर्स के दौरान आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में सूफियाना कलामों ने समा बांध दिया। मशहूर कव्वालों द्वारा पेश की गई कव्वालियों को सुनकर लोग झूम उठे। देर रात तक चले धार्मिक कार्यक्रमों में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

पूरा वातावरण अल्लाह और रसूल की याद से गूंजता रहा। मेले में बच्चों युवाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ देखने को मिली। खाने पीने खिलौनों चूड़ियों घरेलू सामान और अन्य दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने झूलों और खेल तमाशों का आनंद लिया। मेले में आसपास के गांवों के अलावा दूर दराज इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सलीम शाह, ने कहा की सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। जायरीनों की सुविधा के लिए पानी बैठने और रोशनी की बेहतर व्यवस्था की गई। बाबा नसीर आलम गद्दी नशीन ने बताया कि हज़रत सय्यद मस्तान बुड्ढे पीर बाबा का यह उर्स कई पीढ़ियों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। हर वर्ष यहां आने वाले जायरीनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि बाबा की दरगाह लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। और यहां आने वाले हर व्यक्ति की मुराद पूरी होती है।उन्होंने कहा कि यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि आपसी भाईचारे मोहब्बत और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस तरह के आयोजन समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने सभी जायरीनों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी इसी तरह उर्स का आयोजन भव्य रूप से किया जाता रहेगा। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था भाईचारे और सामाजिक एकता की सुंदर मिसाल देखने को मिली। उर्स में पहुंचे लोगों ने बाबा की दरगाह पर माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली और देश में अमन चैन की दुआ मांगी। इस अवसर पर मो. यासीन,रियासत अली,
मो. मुसतकीम,मो. आजम, मो. मोहतसीम, शहजाद शाह, वाजिद शाह, सरफराज फारुकी, आसिफ शाह, शाह हुसैन फारुकी, फरमान शाह, नसीम शाह, वसीम शाह, हुसैन शाह, नाजिम शाह, फारूक शाह, साकिब शाह, साहब शाह, आदि उपस्थित रहे।