शुभम चौधरी
रूड़की,हरिद्वार ( परिपाटी न्यूज)राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत श्री हनुमंत आस्था धाम, आस्था कॉम्पलेक्स प्रांगण में विराट हिंदू महासम्मेलन का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। शताब्दी वर्ष के इस विशेष अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव भर नहीं रहा, बल्कि हिंदू समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रदर्शन बनकर उभरा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, युवाओं, मातृशक्ति और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत रवींद्र पुरी (निरंजनी अखाड़ा) की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने उद्बोधन में उन्होंने सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और समाज में संगठन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने मूल संस्कारों से जुड़ा रहता है, तब वह किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा हेतु सजग एवं संगठित रहने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. करुणा आर्य (पतंजलि आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान) उपस्थित रहीं। उन्होंने भारतीय आयुर्वेद, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति और संतुलित जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को दिशा देने में सक्षम है। स्वस्थ और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता चंद्रशेखर ने अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने संघ की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने सेवा, समर्पण और संस्कारों के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समाज की समरसता, एकात्मता और राष्ट्रभाव ही भारत की वास्तविक शक्ति है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। श्री ओम यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष मुनीश सैनी , श्री हनुमंत आस्था धाम के अध्यक्ष अमित सैनी , अरोमा कॉलेज के डायरेक्टर बृजेश सैनी , प्रधान रविंद्र सैनी, सुदेश सैनी, प्रशांत सैनी, अमित वालिया, कुशल श्रीवास्तव, प्रसन्न त्यागी, दीपक पवार, अंतरिक्ष सैनी, मनोज सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने आयोजन में भाग लेकर इसे सफल बनाने में योगदान दिया।
मंच का संचालन महंत विश्वास आनंद द्वारा अत्यंत कुशलता से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। पूरे परिसर में अनुशासन, उत्साह और संगठन की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
यह विराट हिंदू महासम्मेलन हिंदू समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक गौरव का सशक्त संदेश देने में सफल रहा। शताब्दी वर्ष के इस ऐतिहासिक आयोजन ने समाज में नई चेतना, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया।