Spread the love

रिपोर्ट-सतवेन्दर सिंह गुजराल/परिपाटी न्यूज़ मीडिया बिजनौर

नूरपुर,बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)। प्रभु श्री राम के दरबार में करेंगे महानगर का प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक परिवार पूर्व महानगर कार्यवाहा, ऊना आर्किटेक्चर एंड कंस्ट्रक्शन एवं श्री राम संतोष गार्डन परिवार के इंजीनियर कवीश राणा एवं धर्म पत्नी सुषमा राणा, विनीत पांडे, ज्योति पांडे, ज्ञानेंद्र देव शर्मा, माता मनुस्मृति, संजय रस्तोगी, कुमकुम रस्तोगी। 13, जनवरी को प्रातः 8:00 बजे अयोध्या के लिए प्रस्थान करेगे।


इं० कवीश राणा ने कहा मेरा परम सौभाग्य है, कि परम पूज्य जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य गुरुवर के जन्मदिन 14, जनवरी से प्रारंभ हनुमंत यज्ञ 22, जनवरी प्रभु श्री राम प्राण प्रतिष्ठा समारोहअयोध्या धाम में 9-दिनों तक प्रभु श्री राम व गुरुवर के चरणों*में रहने का अवसर अमृत महोत्सव समारोह द्वारा प्राप्त होगा, 22, जनवरी को हमारे विश्व नायक यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का शंखनाद करेंगे। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:20 बजे श्री राम लाल की मूर्ति में मंत्रों उच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। देश भर से विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि व साधु संत शामिल होंगे, मुझे प्रभु की कृपा से अयोध्या की पावन भूमि पर अनेकों बार जाने का अवसर प्राप्त हुआ, प्रथम वार कारसेवा 1990 में विषम परिस्थितियों के बीच गांव के 11 लोगों की टोली के साथ लाठी – दंडो का सामना किया व गिरफ्तार कर नैनी जेल भेजा गया, नैनी जेल कार सेवकों से भरी होने व प्रवेश की प्रक्रिया में देर होने के कारण अपनी टोली सहित नैनी जेल के गेट के बाहर से ही हम पुनः कारसेवा के लिए चल दिए, संगम के किनारे पहुंचकर नाविक के माध्यम से संगम को पार किया, उसे समय की राम विरोधी सरकारी तंत्र से बचने के लिए एक-एक कर शंकराचार्य आश्रम पहुंचे, दो रात्रि आश्रम में रहे, पता चला कि आश्रम को चारों तरफ से पुलिस ने घेर लिया, आश्रम की दीवार तोड़कर हम रात्रि में बाहर निकले लेकिन हमारा दुर्भाग्य रहा कि हम पुनः अयोध्या नहीं पहुंच सके, 15 दिन बाद गांव वापस पहुंच कर मंत्री श्री महावीर सिंह जी के नेतृत्व में नूरपुर थाने में गिरफ्तारी दी और 21 दिन बिजनौर जेल में रहे, बिजनौर जेल में भी पुलिस की लाठी – डंडों व गोली का सामना करना पड़ा, हनुमंत प्रेरणा (राम काजू बिना मुझे कहां विश्राम) के मंत्र के साथ द्वितीय बार 1992 में कारसेवा कर जीण-छिण मंदिर ढांचे को ध्वस्त कर राम लला विराजमान हुए, कोरोना काल में राम मंदिर भूमि पूजन के बाद दो बार अयोध्या जाकर प्रभु राम के दर्शन किए। हम सब सौभाग्यशाली 500 वर्षों के संघर्ष अंगनित बलिदानों के बाद हम अपनी आंखों से प्रभु श्री राम प्राण प्रतिष्ठा होते देखेंगे, मुझे यह अवसर प्राप्त हुआ, अवश्य ही कुछ कर्म अच्छे रहे होगे। बस प्रभु श्री राम से एक ही प्रार्थना करता हूं कि हे ईश्वर में समाज सेवा कर, हमेशा सत्य मार्ग चल सकू, मुझसे कभी कोई गलत कार्य न हो ऐसी शक्ति प्रदान करें। बड़ा हर्ष का विषय है कि आज प्रभु राम को समर्पण भावना से अनेकों परिवारों द्वारा बंद लिफाफे प्रभु श्री राम के चरणों में भेंट करने के लिए प्राप्त हुए। इ कविश राणा ने सभी परिवारों से आग्रह किया है कि अयोध्या से आये पूजित प्राप्त अक्षतो को 22 जनवरी प्राण प्रतिष्ठा के दिन चंदन तिलक कर मस्तिक पर धारण कर मंदिर, सार्वजनिक स्थान पर लाइव टेली कास्ट देखते हुए प्राण प्रतिष्ठान के कार्यक्रम में भागीदार बनें रात्रि में दीपोत्सव कर धर्म लाभ उठायें।

By Rahul Tomer

C.E.O(IT Dept.) Paripati News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *