
संवाददाता विजेंद्र सैनी/परिपाटी न्यूज मीडिया
हरिद्वार (पीपीएन) संयुक्त आयुक्त, (वि0अनु0शा0/प्रव0) राज्य कर विभाग हरिद्वार द्वारा अवगत कराया गया है कि उत्तराखण्ड राज्य में जी0एस0टी0 लागू होने के पश्चात् करापवंचक तत्वों द्वारा कर चोरी की नई-नई कार्यप्रणालियां अपनायी जा रही हैं, जिनमें बिल तथा ई-वेबिल के बिना माल का परिवहन करना, एक ही बिल तथा एक ही ई-वेबिल पर एक से अधिक बार माल का परिवहन करना, फर्जी प्रपत्रों का प्रयोग कर जी0एस0टी0 का पंजीयन लेकर कर चोरी करना, बिना वास्तविक व्यापार किये मात्र इनवाॅइज जारी आई0टी0सी0 का लाभ लेना आदि। राज्य कर विभाग द्वारा इन सभी कर विरोधी कार्यप्रणालियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और इनमें लिप्त करापवंचकों की गतिविधियों पर गोपनीय रूप से सूचना एकत्र करते हुए कर चोरी के इन तरीकों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
हरिद्वार संभाग की प्रवर्तन इकाईयों (विशेष अनुसन्धान शाखा तथा सचलदल इकाई) द्वारा संयुक्त आयुक्त महोदया के निर्देशन में निरन्तर कार्यवाही करते हुए विशेष कर पिछले कुछ दिनों में उक्त करापवंचन के नये तरीकों के सम्बन्ध में अभियान चलाया जा रहा है। जिससे करापवंचकों के बीच भय व्याप्त हो गया है।
हरिद्वार संभाग की प्रवर्तन इकाईयों (विशेष अनुसन्धान शाखा तथा सचलदल इकाई) द्वारा लगातार ऐसी फर्मों की पहचान कर उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है, जो फर्जी प्रपत्रों के आधार पर जी0एस0टी0 में पंजीयन लेकर बिना वास्तविक व्यापार किये केवल बिल जारी कर फर्जी आई0टी0सी0 का लाभ लेने में संलिप्त हैं। वर्ष 2020-21 में ऐसे 19 मामलों में 202.03 करोड़ मूल्य के माल पर रू0-36.42 करोड़ रू0 जमा किये जाने की कार्यवाही की जा चुकी है। ऐसी फर्मों से सम्बद्ध हरिद्वार तथा कोटद्वार में कुछ बड़ी आयरन स्टील की फैक्ट्रियों पर भी विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है।
विदित है कि हरिद्वार संभाग में स्थित क्षेत्र रूड़की, लक्सर, भगवानपुर,