पूजा शर्मा
हरिद्वार, भूपतवाला।(परिपाटी न्यूज़)
श्री ललिताम्बा निकेतन आश्रम में आयोजित वार्षिक उत्सव के पावन अवसर पर भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीमद्भागवत कथा अमृत वर्षा एवं विशाल संत समागम के इस दिव्य आयोजन में देशभर से पधारे संत-महापुरुषों और श्रद्धालु भक्तों की भारी उपस्थिति रही।
यह आयोजन प्रातःस्मरणीय गुरु भगवान जगतगुरु रामानंदाचार्य जय रामदास देवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोषों के मध्य बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

ज्ञानगंगा में डूबे श्रद्धालु
विशाल संत समागम में संत-महापुरुषों के श्रीमुख से निकली ज्ञानगंगा ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, वैराग्य और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। संतों ने अपने प्रवचनों में सनातन संस्कृति की महिमा, गुरु-भक्ति, सेवा और सत्संग के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया।
भागवत कथा का महत्व बताया
अपने अमृतमयी आशीर्वचनों में जगतगुरु रामानंदाचार्य श्री जय रामदास देवाचार्य जी महाराज ने कहा:
“श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला दिव्य सेतु है। जहाँ भगवत कथा होती है, वहाँ स्वयं भगवान का निवास होता है। मानव जीवन का उद्देश्य प्रभु भक्ति, सेवा, करुणा और सत्संग के माध्यम से आत्मकल्याण करना है।”
उन्होंने वर्तमान समय में आध्यात्मिक चेतना के महत्व पर जोर देते हुए संतों के सानिध्य और भागवत श्रवण को आवश्यक बताया।
मन की शुद्धि का माध्यम है कथा श्रवण
इस अवसर पर श्री गुरु राम सेवक उछाली आश्रम के महंत विष्णु दास जी महाराज ने कहा कि कथा श्रवण से मन की विकृतियाँ दूर होती हैं और जीवन में शांति, सद्भाव एवं दिव्यता का संचार होता है।
भक्ति रस में सराबोर हुआ वातावरण
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भक्त कथा अमृत और संतों के उपदेशों में डूबे हुए भावविभोर दिखाई दिए। भक्तों ने गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
संत-महात्माओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस दिव्य अवसर पर महंत सत्यवृत्ता नंद महाराज, बाबा हठ योगी महाराज, महाबलेश्वर स्वामी प्रेमानंद महाराज, स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज, स्वामी धर्मराज महाराज, महामंडलेश्वर शिवानंद महाराज, महंत सीताराम दास महाराज, महंत हितेश दास महाराज सहित अनेक संत-महापुरुष उपस्थित रहे।
समापन पर विश्व कल्याण की कामना
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आश्रम प्रबंधन द्वारा पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया तथा विश्व कल्याण, राष्ट्र उन्नति और समस्त मानव समाज की सुख-समृद्धि हेतु विशेष मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं।
यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्वितीय संगम बनकर सभी के लिए अविस्मरणीय रहा।