
रिपोर्ट -सतवेन्दर सिंह गुजराल
नूरपुर बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) थाना परिसर में नये भारत के नये कानूनों के संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए क्षेत्राधिकारी चांदपुर भरत कुमार सोनकर ने बताया कि देश में अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानून अब गुजरे वक्त की बात हो गई है. आज से देश भर में तीनों नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने आईपीसी

(1860), सीआरपीसी (1973) और एविडेंस एक्ट (1872) की जगह ली है. आज से नए कानून के तहत ही केस दर्ज होंगे. धाराएं भी बदल गई हैं। ठगी में 420 नहीं अब 316, मर्डर में 302 नहीं 103 धारा लगेगी। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ जुर्म की धाराएं भी बदल गयी है। उन्होंने बताया कि पहले आईपीसी में 511धाराएं थी। लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में कुल 358 धाराएं हैं।

तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम सोमवार से पूरे देश में लागू हो गए हैं. इन कानूनों ने भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है. नए कानून लागू होने से ना सिर्फ धाराएं बदल गई हैं, बल्कि कई प्रावधानों की परिभाषा भी बदल गई है।इस दौरान समस्त थाना स्टाफ, व्यापारी सरदार रवेन्द्र सिंह,तसलीम अहमद, सरदार हरभजन सिंह अमन, मुकुल गुप्ता, संजीव जोशी, ग्राम प्रधान सहित क्षेत्र के कई संभ्रांत व्यक्ति मौजूद रहे।