
रिपोर्ट -सतवेन्दर सिंह गुजराल
राजा का ताजपुर, बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाया गया। सिक्ख समुदाय द्वारा मिठे शरबत की छबील लगाकर अपने गुरु की शहीदी के प्रति श्रद्धा प्रकट की गयी।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
गुरु घर के मुख्य सेवादार ज्ञानी जितेंद्र सिंह ने कीर्तन गुरबाणी से पद को निहाल किया।

बता दें कि अकबर का बेटा जहांगीर एक क्रूर शासक था। जो गुरु जी की बढ़ती लोकप्रियता से बोखलाया जा रहा था। उसने एक अनावश्यक विवाद में फंसाकर गुरु जी को लाहौर बुला लिया। इसके बाद तपती धूप में उन्हें तप्त तवे पर बैठाकर ऊपर से गर्म रेत डाली गयी तथा अन्य यातनाएं भी दी गयी। गुरू अर्जुन देव जी की शहादत मुख्य रूप से धार्मिक असहिष्णुता का परिणाम थी। जहांगीर के शासन के तहत मुगल साम्राज्य ने इस्लाम से भटकने वाली किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश की गयी। श्री गुरु अर्जन देव जी की मानवता व सिख धर्म के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और अपने विश्वास को त्यागने से इनकार के कारण उन्हें अनेक प्रकार की यातनाएं दी गयी। लेकिन गुरू जी जरा भी विचलित नहीं हुए तथा तेरा किया मीठा लागे हरि नाम पदार्थ नानक मांगे कहते हुए शहीद हो गये।
इस महान शहीदी दिवस पर छबील की सेवा सरदार शक्ति सिंह भंडारी द्वारा की गयी जिसमें मौजूद संगत ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संरक्षक सरदार नानक गोविन्द सिंह, स० अमरजीत सिंह,सचिव सरदार गुरदयाल सिंह, स० हरभजन सिंह,स० हरदीप सिंह रवि,स० हरमीत सिंह जैकी, कोषाध्यक्ष स० सतवेन्दर सिंह गुजराल,स० जरनैल सिंह सचिन,स० परमवीर सिंह जिम्मी,स० सुखदीप सिंह,स० प्रकाश सिंह, काका वीर सिंह आदि का सराहनीय सहयोग रहा।