हरिद्वार पीपीएन:-NSS विशेष शिविर चतुर्थ दिवस के अन्तर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर हरिद्वार की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवियों द्वारा गंगा स्वच्छता जनजागरूकता रैली सेक्टर 2 भेल बैरियर से प्रारंभ की गई जो शंकर आश्रम से चौधरी चरण सिंह घाट निकट सिंह द्वार पर समाप्त हुई । समस्त स्वयं सेवकों ने चौ.चरण सिंह घाट पर गंगा स्वच्छता अभियान चलाया घाट के आस पास से काफी मात्रा में प्लास्टिक कूड़ा एकत्रित किया गया। वहां पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने स्वयं सेवकों के सेवा भाव की प्रशंसा की। अंत में अविरल फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी दीपक कैंतूरा द्वारा गंगा कि महत्ता पर संबोधन द्वारा स्वयंसेवको एवं जनमानस को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
हरिद्वार पीपीएन:-उत्तराखण्ड सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाई जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी दी ।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हमारे भारत का एक ऐसा जीवंत राज्य है जिसकी संस्कृति और विरासत सदियों से भारतीय सभ्यता के मूल में समाहित रही है। भारतीय जनमानस के लिए उत्तराखंड एक देवभूमि है, जो कि हमारे वेदों-पुराणों, ऋषियों-मनीषियों के ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रही है। भारत के कोने कोने से लोग बड़ी आस्था और भक्ति के साथ उत्तराखंड आते है। इसलिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक – आध्यात्मिक विरासत की रक्षा अहम है। 130 करोड़ लोगों की आस्था का केंद्र माँ गंगा का उद्गम स्थल भी उत्तराखंड ही है। भारत का मुकुट हिमालय, और उसकी कोख में पनपती प्रकृति उत्तराखंड की धरोहर हैं। इसलिए उत्तराखंड में पर्यावरण की रक्षा भी अहम है।उत्तराखंड देश के लिए सामरिक दृष्टि से भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। दो देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होने के कारण भारत के लिए इस राज्य का भौगोलिक और रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है। इसलिए राष्ट्ररक्षा के लिए भी उत्तराखंड की भूमिका अहम है।उत्तराखंड के नागरिकों का भारतीय सेनाओं के साथ एक लंबा और गौरवशाली संबंध रहा है। यहाँ के लोगों ने पीढ़ी दर पीढ़ी अपने आपको देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किया है। इस धरती के कितने ही वीर सपूतों ने देश के लिए अपने सर्वोच्च बलिदान दिये हैं। यहाँ लगभग हर परिवार से कोई पिता, कोई बेटा, कोई बेटी देश के किसी न किसी हिस्से में हमारी सेनाओं के माध्यम से मातृभूमि की सेवा में जुटा है।उत्तराखंड की सांस्कृतिक आध्यात्मिक विरासत की रक्षा, यहाँ के पर्यावरण की रक्षा और राष्ट्र रक्षा के लिये उत्तराखंड की सीमाओं की रक्षा ये तीनो ही आज उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए अहम है। इस दृष्टि से नई सरकार ने अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया कि
न्यायविदों, सेवानिवृत्त जजों, समाज के प्रबुद्ध जनो और अन्य स्टेकहोल्डर्स की एक कमेटी गठित करेगी जो कि उत्तराखंड राज्य के लिए ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करेगी। इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा विवाह-तलाक, ज़मीन-जायदाद और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिये समान क़ानून चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों, होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ संविधान निर्माताओं के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम होगा और संविधान की भावना को मूर्त रूप देगा। ये भारतीय संविधान के आर्टिकल 44 की दिशा में भी एक प्रभावी कदम होगा, जो देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की संकल्पना प्रस्तुत करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर इसे लागू करने पर ज़ोर दिया है। साथ ही, इस महत्वपूर्ण निर्णय में हमें गोवा राज्य से भी प्रेरणा मिलेगी जिसने एक प्रकार का ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ लागू करके देश में एक उदाहरण पेश किया है।उत्तराखंड में जल्द से जल्द ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने से राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों को बल मिलेगा। इससे राज्य में सामाजिक समरसता बढ़ेगी, जेंडर जस्टिस को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को ताकत मिलेगी, और साथ ही देवभूमि की असाधारण सांस्कृतिक आध्यात्मिक पहचान को, यहाँ के पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी। उत्तराखंड का ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ दूसरे राज्यों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में सामने आएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त पृष्ठभूमि में उदेश्य को प्राप्त करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के व्यक्तिगत नागरिक मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी प्रासंगिक कानूनों की जांच करने और मसौदा कानून या मौजूदा कानून में संशोधन के साथ उस पर रिपोर्ट करने के लिए विवाह, तलाक, सम्पत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार से सम्बंधित लागू कानून और विरासत, गोद लेने और रख रखाव और संरक्षता इत्यादि के लिए एक विशेषज्ञों, वुद्धिजीवियों और हितधारकों की एक समिति मा० उच्चतम न्यायालय / मा० उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश / मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में, गठित करने का प्रस्ताव है। राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार उपरोक्तानुसार एक समिति का गठन करेगी जिसमें उसकी संरचना, संदर्भ की शर्तें आदि का भी उल्लेख रहेगा ।
हरिद्वार पीपीएन जनपद कलियर के थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब कलियर स्थित एक गेस्ट हाउस से बड़े सूटकेस में युवती की लाश लेकर निकल रहे युवक को गेस्ट हाउस कर्मियों ने रोका तो युवक सूटकेस लेकर भागने लगा गेस्ट हाउस कर्मियों ने युवक का पीछा कर उसको पकड़ लिया सूटकेस की तलाशी लेने पर सूटकेस खोलकर देखा गया तो सूटकेस के अंदर लाल जोड़े में एक युवती की लाश बरामद हुई सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती की लाश लेकर निकल रहा युवक ज्वालापुर के घोसियान
निवासी गुलशेर बताया जा रहा है मृतक मिली युवती भी ज्वालापुर की बताई जा रही है पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह दोनों आपस में प्रेम करते थे जिसको लेकर घर वाले शादी के लिए राजी नहीं थे और दोनों ने एक साथ जहर खाकर जान देने का प्रोग्राम बनाया था जिसमें युवती ने जहर खाया और उसकी मौत हो गई और युवक घबरा गया उसकी मौत होने पर उसकी लाश को ठिकाने लगाने जा रहा था गेस्ट हाउस द्वारा पकड़ लिया गया
हरिद्वार पीपीएन:-हरिद्वार जनपद के थाना क्षेत्र खानपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी 50000 के नकली नोटों के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार खानपुर के तुगलपुर के पास नकली नोटों की खेप ले जाते दो लोगों को पुलिस ने दबोचा नकली नोटो का कारोबार करने वाले दो लोग
गिरफ्तार।।रूड़की में एसपी देहात परमेंद्र डोबाल ने किया खुलासा।।50 हज़ार के नकली नोट, प्रिंटर, सहित नोट छापने वाले सामान बरामद।।पकड़े गए आरोपी हरिद्वार और शामली जिले के रहने वाले।।खानपुर थाना क्षेत्र का मामला।।
पीपीएन हरिद्वार:- हरिद्वार के श्यामपुर थाने में धरने पर बैठी कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत। अनुपमा रावत का आरोप है कि श्यामपुर थाना पुलिस बीजेपी के दबाव में काम कर रही है। श्यामपुर थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़ी अनुपमा रावत। श्यामपुर थाना पुलिस ने आज सुबह गाजीवली गांव के छात्र को लिया था हिरासत में। अनुपमा रावत का आरोप, राजनीतिक द्वेष निकालने के लिए किया जा रहा है काम। हरिद्वार सीओ सिटी पहुंचे मौके पर।
परिपाटी न्यूज़ हरिद्वार:-उत्तराखण्ड सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मैं फैसलेउत्तराखण्ड सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाई जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हमारे भारत का एक ऐसा जीवंत राज्य है जिसकी संस्कृति और विरासत सदियों से भारतीय सभ्यता के मूल में समाहित रही है। भारतीय जनमानस के लिए उत्तराखंड एक देवभूमि है, जो कि हमारे वेदों-पुराणों, ऋषियों-मनीषियों के ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रही है। भारत के कोने कोने से लोग बड़ी आस्था और भक्ति के साथ उत्तराखंड आते है। इसलिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक – आध्यात्मिक विरासत की रक्षा अहम है। 130 करोड़ लोगों की आस्था का केंद्र माँ गंगा का उद्गम स्थल भी उत्तराखंड ही है। भारत का मुकुट हिमालय, और उसकी कोख में पनपती प्रकृति
उत्तराखंड की धरोहर हैं। इसलिए उत्तराखंड में पर्यावरण की रक्षा भी अहम है।उत्तराखंड देश के लिए सामरिक दृष्टि से भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। दो देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होने के कारण भारत के लिए इस राज्य का भौगोलिक और रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है। इसलिए राष्ट्ररक्षा के लिए भी उत्तराखंड की भूमिका अहम है।उत्तराखंड के नागरिकों का भारतीय सेनाओं के साथ एक लंबा और गौरवशाली संबंध रहा है। यहाँ के लोगों ने पीढ़ी दर पीढ़ी अपने आपको देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किया है। इस धरती के कितने ही वीर सपूतों ने देश के लिए अपने सर्वोच्च बलिदान दिये हैं। यहाँ लगभग हर परिवार से कोई पिता, कोई बेटा, कोई बेटी देश के किसी न किसी हिस्से में हमारी सेनाओं के माध्यम से मातृभूमि की सेवा में जुटा है।उत्तराखंड की सांस्कृतिक आध्यात्मिक विरासत की रक्षा, यहाँ के पर्यावरण की रक्षा और राष्ट्र रक्षा के लिये उत्तराखंड की सीमाओं की रक्षा ये तीनो ही आज उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए अहम है। इस दृष्टि से नई सरकार ने अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया कि न्यायविदों, सेवानिवृत्त जजों, समाज के प्रबुद्ध जनो और अन्य स्टेकहोल्डर्स की एक कमेटी गठित करेगी जो कि उत्तराखंड राज्य के लिए ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करेगी। इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा विवाह-तलाक, ज़मीन-जायदाद और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिये समान क़ानून चाहे वे
किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों, होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ संविधान निर्माताओं के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम होगा और संविधान की भावना को मूर्त रूप देगा। ये भारतीय संविधान के आर्टिकल 44 की दिशा में भी एक प्रभावी कदम होगा, जो देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की संकल्पना प्रस्तुत करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर इसे लागू करने पर ज़ोर दिया है। साथ ही, इस महत्वपूर्ण निर्णय में हमें गोवा राज्य से भी प्रेरणा मिलेगी जिसने एक प्रकार का ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ लागू करके देश में एक उदाहरण पेश किया है। उत्तराखंड में जल्द से जल्द ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने से राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों को बल मिलेगा। इससे राज्य में सामाजिक समरसता बढ़ेगी, जेंडर जस्टिस को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को ताकत मिलेगी, और साथ ही देवभूमि की असाधारण सांस्कृतिक आध्यात्मिक
पहचान को, यहाँ के पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी। उत्तराखंड का ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ दूसरे राज्यों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में सामने आएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त पृष्ठभूमि में उदेश्य को प्राप्त करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के व्यक्तिगत नागरिक मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी प्रासंगिक कानूनों की जांच करने और मसौदा कानून या मौजूदा कानून में संशोधन के साथ उस पर रिपोर्ट करने के लिए विवाह, तलाक, सम्पत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार से सम्बंधित लागू कानून और विरासत, गोद लेने और रख रखाव और संरक्षता इत्यादि के लिए एक विशेषज्ञों, वुद्धिजीवियों और हितधारकों की एक समिति मा० उच्चतम न्यायालय / मा० उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश / मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में, गठित करने का प्रस्ताव है। राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार उपरोक्तानुसार एक समिति का गठन करेगी जिसमें उसकी संरचना, संदर्भ की शर्तें आदि का भी उल्लेख रहेगा।
पीपीएन मोहम्मदी पुलिस अधीक्षक खीरी, संजीव सुमन के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के निकट पर्यवेक्षण में अपराध की रोकथाम व वांछित/वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 24.03.2022 को थाना भीरा पुलिस द्वारा 04 नफर वारंटी अभियुक्तों 1. अ0सं0 2947/10 धारा 323/325/504 भा0द0वि0 में वारंटी नन्हू पुत्र लालबिहारी नि0ग्राम मुडियाहेम सिंह थाना भीरा जनपद खीरी 2. अ0सं0-2947/10 धारा 323/325/504 भा0द0वि0 में वारंटी रामचन्द्र पुत्र लालबिहारी नि0ग्राम मुडियाहेम सिंह थाना भीरा जनपद खीरी 3. अ0सं0 8944/10 धारा 25 आर्म्स एक्ट में वारंटी अमर पाल पुत्र लल्लू नि0ग्राम घनापुरवा थाना भीरा खीरी जनपद खीरी 4. अ0सं0 1751/13 धारा 323/325/504 भा0द0वि0 में वारंटी सुखराज पुत्र विपत्ती कनौजिया नि0ग्राम मालपुर थाना भीरा जनपद खीरी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेजा गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण- 1.नन्हू पुत्र लालबिहारी नि0ग्राम मुडियाहेम सिंह थाना भीरा जनपद खीरी 2.रामचन्द्र पुत्र लालबिहारी नि0ग्राम मुडियाहेम सिंह थाना भीरा जनपद खीरी 3.अमर पाल पुत्र लल्लू नि0ग्राम घनापुरवा थाना भीरा जनपद खीरी 4.सुखराज पुत्र विपत्ती कनौजिया नि0ग्राम मालपुर थाना भीरा जनपद खीरी
संवाददाता-जितेंद्र कुमार तोमर/परिपाटी न्यूज़ मीडिया
नूरपुर, बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)कल देर रात जिला बिजनौर के नूरपुर में आबकारी विभाग व पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले ढक्कन, रैपर व क्यू आर कोड बरामद किये है। टीम के द्वारा मौके से एक आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल मंगलवार की रात मुखबिर की सूचना के आधार पर
आबकारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने कबीर नगर क्षेत्र में रिंकू शर्मा पुत्र आशाराम के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान यहाँ से टीम को 22 हजार देशी शराब की बोतलों के ढक्कन, मेक डबल ब्रांड 100 ढक्कन, इम्पीरियल ब्लू ब्रांड के 100 ढक्कन, रॉयल स्टैग ब्रांड के 344 ढक्कन व एक बण्डल क्यू आर कोड जिनकी संख्या 4090 है के साथ ही मेक डबल ब्रांड के 8 पव्वे जो जाँच करने पर नकली पाए गए बरामद किये है। टीम द्वारा लाइसेंस माँगे जाने पर अभियुक्त के पास कोई दस्तावेज नहीं मिला। अभियुक्त के खिलाफ आबकारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है।अभियुक्त को टीम अपने साथ ले गयी।
संवाददाता-डॉ जितेंद्र कुमार तोमर/परिपाटी न्यूज़ मीडिया
अफजलगढ़ बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)। अफजलगढ़ के गांव शिवपुरी में आयोजित पशु आरोग्य मेले में पशुओं की विभिन्न बीमारियों का उपचार किया गया। राष्ट्रीय गौरक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य स्वामी श्याम जी महाराज व पशु चिकित्सक धीरेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।
राष्ट्रीय गौरक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी श्याम जी महाराज ने कहा है पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला उ प्र सरकार की मुख्य प्राथमिकता में हैं जिसमें चलता फिरता औषधालय की प्रतीक गौमाता के नश्ल सुधार भी योजना में हैं आरोग्य मेला से अनगिनत गौवंश एवं अन्य पशुओं को निशुल्क इलाज मिलने से पशु पालकों को बड़ी राहत मिलती है
पशु चिकित्साधिकारी अफजलगढ़ डॉ धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि पशुधन विभाग की ओर से गांव शिवपुरी में वुधवार को ब्लाक स्तरीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला आयोजन किया गया। जिसमे 329 पशुओं का कृमि नाशक,62 पशुओ का बांझपन,26 का गर्भ परीक्षण तथा चिकित्सको की टीम ने गांव में घर घर जाकर 650 पशुओ को गलाघोंटू रोधी वैक्सीन लगाई।साथ ही उनकी समस्याओं को लेकर पशु पालकों को आवश्यक सुझाव दिए।मेले में सुनील कुमार,ग्राम प्रधान पति हेमन्त सिंह, डॉ धीरेंद्र कुमार, डॉ उमा सिंह , डा, एसपी सिंह,संदीप कुमार, रूपचन्द्र , सुशील कुमार, निहाल सिंह, बाबूराम सिंह, टिकेंद्र कुमार आदि शामिल हुए।